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Nov 1, 2021

बाल कविताः तितली रानी, तितली रानी

- प्रियंका गुप्ता

तितली रानी, तितली रानी

पास हमारे आ‌ओ न ,

पंख फैलाकर उड़ती कैसे

हमको भी सिखला‌ओ न ,

 

          नीले, पीले, लाल , हरे क‌ई

           रंगों में भरमा‌ओ  न ,

           जीवन का हर रंग समाया

 

तुमने अपने तन-मन में

 सतरंगों की बौछारों में

 हमको भी नहला‌ओ न ,

 

           मस्ती से तुम रहती कैसे

           यह गुण हमें सिखा‌ओ न ,

           तितली रानी, तितली रानी

           पास हमारे आ‌ओ न ।

 

सम्पर्कः एम.आ‌ई.जी -292, कैलाश विहारआवास विकास योजना सं- एक,

कल्याणपुर, कानपुर-208017 (उ.प्र)

1 comment:

  1. एक सार्थक अंक में अपनी रचना भी देख कर बेहद खुशी हुई, आभार !

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