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Feb 1, 2025
कविताः बसंत की आहट
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- नन्दा पाण्डेय वसंत की आहट हो चुकी है सोच रही हूँ स्मृतियों पर पड़े जाले को झाड़- पोंछकर हटा दूँ उतार कर फेंक दूँ आज स्वार्थ के छोर ...
दो लघुकथाएँ
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- अशोक भाटिया 1. युग मार्ग मौसम करवटें बदल रहा था। इन दिनों ठंडक पर तपिश ने दबिश दे रखी थी। हवा थी, पर चल नहीं रही थी। वृक्षों के पत्ते...
लघुकथाः प्रेम
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- अन्तरा करवड़े वह प्रेम दिवस का आयोजन था। लाल रंग के गुलाबों¸ दिल के आकारों की विभिन्न वस्तुएँ। रंग बिरंगे और अपेक्षाकृत स्मार्ट परिधा...
किताबेंः मानसिक द्वंद्व को उकेरती कहानियाँ
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- डॉ मोनिका शर्मा पुस्तक : प्रमोद भार्गव की चुनिंदा कहानियाँ, लेखक: प्रमोद भार्गव /प्रकाशक: प्रवासी प्रेम पब्लिशिंग, भारत, 3/186 राजें...
दो कविताएँ
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- मधु बी. जोशी 1. एक सच के लिए कमाती हूँ शब्द जीवन से जैसे कमाता है चमड़ा चमार गूँथती हूँ शब्द अर्थ के उतरने के लिए जैसे जूता गाँठता है म...
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