उदंती.com
(Move to ...)
Home
▼
Sep 1, 2024
कहानीः प्रार्थनाओं के विरुद्ध
›
- सत्या शर्मा ‘कीर्ति’ आज मैं अस्पताल से घर लौट तो आई थी, पर मेरा लौटना कहाँ लौटना था बस आ जाना था जैसे कोई आ जाता है अनचाहे ही। ऑपरेशन...
2 comments:
कविताः कभी ऐसा भी हो
›
- स्वाति बरनवाल कभी ऐसा भी हो हम दोनों अचानक किसी मॉल में शॉपिंग करते या बाजार से सब्जियाँ लेकर लौटते हुए या फिर किसी स्टेशन पर टकरा जाते...
1 comment:
दो कविताएँ
›
- सुरभि डागर 1- पीड़ा मौन रूप धारण कर कहीं दूर से ताक सरक आती है चित के किसी कोने में, हाँ यह पीड़ा ही है..... ध्वनि रहित है ये पीड़ा...
किताबेंः मन की वीणा पर सधे संवेदना के गीत-‘गाएगी सदी’
›
- रश्मि विभा त्रिपाठी ‘गाएगी सदी’ (हाइकु- संग्रह) : डॉ. सुरंगमा यादव, पृष्ठ: 112, मूल्य: 320 रुपये, आईएसबीएन: 978-81-968022-9-5, प्रथम संस्क...
आलेखः अनुवाद एक कठिन कार्य है
›
- महेंद्र राजा जैन अनुवाद करना एक कठिन कार्य है। यह शब्द सुनने-पढ़ने में जितना सरल और सहज जान पड़ता है , वास्तव में उतना सरल-सहज है नहीं। य...
‹
›
Home
View web version