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Jan 15, 2020
कालजयी लघुकथा
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राष्ट्र का सेवक -प्रेमचंद राष्ट्र के सेवक ने कहा - देश की मुक्ति का एक ही उपाय है और वह है नीचों के साथ भाईचारे का सलूक , पतितों के...
रवीन्द्रनाथ ठाकुर की क्षणिकाएँ
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रवीन्द्रनाथ ठाकुर की क्षणिकाएँ ( अंग्रेजी से हिन्दी में काव्य-रूपान्तर: डॉ. कुँवर दिनेश सिंह) 1 तुम्हारी कौन सी भाषा है , ओ सागर ?...
नए साल का संकल्प!!
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नए साल का संकल्प!! - गिरीश पंकज उसने इस बार भी मुझसे कहा था कि नए साल पर कुछ करके दिखाऊँगा। मैंने उसे गंभीरता से नहीं ल...
सोशल मी़डिया मिथक में कैद मोबाइल
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मिथक में कैद मोबाइल - डॉ. महेश परिमल भारतीय समाज तेजी से बदल रहा है। कई अभिव्यंजनाएँ बदल रही हैं। जैसे- आज के युवा तब सोते हैं , जब ...
षोडश शृंगार
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षोडश शृंगार - शशि पाधा नील गगन पर बिखरी धूप , किरणें बाँधें वन्दनवार कुसुमित , शोभित आँगन बगिया चन्दन सुरभित चले ...
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