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Apr 27, 2009
नदी है भाषा
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- अशोक सिंघई (1) भाषा को साधना उतना ही कठिन है जितना पोटली में प्रकाश को बांधना भाषा के तिलिस्म में कैद हो गई है कवि...
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लाइनमैन की नौकरी
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श्याम ट्रेन के लाइनमैन की नौकरी के लिए इन्टरव्यू देने गया। अफसर : मान लो तुम्हें पता चलता है कि तुम्हारे ट्रेक पर दो रेलगाडिय़ां विप...
बस, अध्ययन की सुविधा के लिए
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बीसवीं सदी में हिंदी व्यंग्य की समृद्ध परंपरा रही है जिसे अंतिम और निर्णायक रूप से परसाई युग माना गया। इस बीते युग ने हिंदी व्यंग्य की...
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सापेक्ष में 58 रचनाकार एक साथ
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सापेक्ष में 58 रचनाकार एक साथ हिंदी की साहित्यिक पत्रिकाओं में समकालीन सृजन और समाज की वैज्ञानिक चेतना के लिए प्रतिबद्ध दुर्ग छत्तीसगढ़...
हमने अपनी धरती को कचरे का डब्बा बना दिया
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हमने अपनी धरती को कचरे का डब्बा बना दिया - कुमुदिनी खिचरिया मुझे बहुत गुस्सा आता अपने उन देशवासियों पर जो अपने शहर, मोहल्ले...
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