August 13, 2020

उदंती.com, अगस्त 2020

वर्ष १२, अंक १२


लोग चाहे मुट्ठी भर हों, लेकिन संकल्पवान होंअपने लक्ष्य में दृढ़ आस्था हो
वे इतिहास को भी बदल सकते हैं। 
-महात्मा गाँधी


अनकहीः कोरोना समय में शिक्षा?- डॉ.रत्ना वर्मा

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2 Comments:

At 29 August , Blogger प्रियंका गुप्ता said...

सम्मानीय रत्ना जी,
नमस्कार,
उदंती का अगस्त अंक मेल से मिला | पत्रिका खोली और एक बैठक में पढ़ गई...| कोरोना और शिक्षा विषय पर अनकही के अंतर्गत आपका आलेख बहुत सार्थक लगा...| पूर्वा जी का 'अतिथि...' व्यंग्य गहन है, उन्हें बधाई | शशि पाधा जी का संस्मरण भावुक कर गया | सुधा मूर्ती जी का संस्मरण तो इतना अच्छा लगा कि नेट पर ढूँढ कर वह पुस्तक ही डाउनलोड कर डाली | आदरणीय कम्बोज जी का आलेख बेहद सार्थक बात सामने रखता है | विचार करने योग्य बातें कही हैं उन्होंने | बहुत बधाई...|
महान विभूति शहीद आज़ाद पर शिवजी श्रीवास्तव जी का आलेख पढ़ कर मन श्रद्धानत हो गया | उन्हें भी बधाई...|
सभी कविताएँ और लघुकथाएँ बहुत अच्छी लगीं, खास तौर से कविता भट्ट जी की कविता और रावी जी की लघुकथा...| सबको बहुत बधाई...|

हमेशा की तरह एक उत्कृष्ट अंक निकालने के लिए आपको शुभकामनाएँ और साधुवाद...|

सदभावी,
प्रियंका

 
At 03 October , Blogger रत्ना वर्मा said...

प्रियंका जी आपको udanti.com का यह अंक पसन्द आया इसके लिए आपका हृदय से आभार. इस अंक के सभी सुधी रचनाकारों का भी धन्यवाद जिनके सहयोग के बिना इतना अच्छा अंक निकालना सम्भव ही नहीं था. विश्वाश है आप सबका साथ और स्नेह सदा बना रहेगा. सादर
रत्ना वर्मा

 

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