November 02, 2008

इस अंक के लेखक

विनोद कुमार मिश्र


सीनियर प्रोड्यूसर एएनआई टीवी न्यूज दिल्ली में कार्यरत। 222.द्धड्डद्वड्डह्म्द्दड्डद्व.ड्ढद्यशद्दह्यश्चशह्ल.ष्शद्वद्वड्डद्बद्य द्बस्र-1द्बठ्ठशस्रद्वद्बह्यद्धह्म्ड्ड६४ञ्चद्दद्वड्डद्बद्य.ष्शद्व


रंजना सिंह

झारखण्ड में जमशेदपुर शहर में रहती हूँ। साहित्य से स्नातकोत्तर किया है, पर काम आई टी का कर रही हूँ। हमारा संस्थान उत्तर भारत के कुछ राज्यों झारखण्ड, छत्तीसगढ़, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल में स्थित विभिन्न कोर्पोरेट हॉउस में आई टी सेल्स और सेर्विसेस प्रदान करता है। साहित्य और संगीत मेरे रक्त कणिकाओं में बसता है और यदि साहित्य सेवा में कुछ भी कर सकी तो अपना जन्म सफल मानूंगी। द्वड्डद्बद्य द्बस्र-ह्म्ड्डठ्ठद्भह्वह्म्ड्डह्लद्धशह्वह्म्ञ्चद्दद्वड्डद्बद्य.ष्शद्व



जमील रिज़वी

उम्र: 43, शिक्षा: बीएससी, एम. ए. इकॉनामिक्स, बीएड डिप्लोमा इन रूरल डेवलपमेंट, बी. जे. एम. सी., कार्य: इंचार्ज- हेडस्टार्ट प्रोग्राम राजीव गांधी शिक्षा मिशन कोंडागांव। पता: विकास नगर कोंडागांव, बस्तर छत्तीसगढ़। द्वड्डद्बद्य द्बस्र- द्भड्डद्वद्गद्गद्य_ह्म्द्ब52द्बञ्चह्म्द्गस्रद्बद्घद्घद्वड्डद्बद्य.ष्शद्व


संजीत त्रिपाठी

जन्म: 1976, शिक्षा : एम.ए.(हिन्दी) पं.रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय। ब्लाग जगत में लोकप्रिय, कई लोगों को हिन्दी ब्लाग का प्रशिक्षण व सहयोग। आत्म कथ्य : एक आम भारतीय, जिसे यह नहीं मालूम कि आम से ख़ास बनने के लिए क्या किया जाए फिऱ भी वह आम से ख़ास बनने की कोशिश करता ही रहता है। संप्रति : छत्तीसगढ़ इस्पात टाइम्स में सिटी रिर्पोटर एवं इंटरनेट जगत में विभिन्न समाचार पोर्टलों में स्वतंत्र पत्रकार के रूप में रिर्पोटिंग। द्वड्डद्बद्यद्बस्र- द्गस्र.ह्यड्डठ्ठद्भह्वञ्चद्दद्वड्डद्बद्य.ष्शद्व, 222.ह्यड्डठ्ठद्भद्गद्गह्लह्लह्म्द्बश्चड्डह्लद्धद्ब.द्यशद्दह्यश्चशह्ल.ष्शद्व


फज़़ल इमाम मल्लिक

जन्म: 19 जून, 1964। बिहार के शेखपुरा जिले के चेवारा में। शिक्षा: बी.एससी., होटल मैनजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा। संप्रति: 1986 में होटल प्रबंधन से किनारा कर पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रवेश। दैनिक हिन्दुस्तान में बतौर स्ट्रिंगर शुरूआत। फिलहाल जनसत्ता के दिल्ली संस्करण में वरिष्ठ उपसंपादक के पद पर कार्यरत। साहित्यिक पत्रिका शृंखला व सनद का संपादन। द्वड्डद्बद्य द्बस्र- द्वड्डठ्ठह्वद्वड्डद्यद्यद्बष्द्मञ्चह्म्द्गस्रद्बद्घद्घद्वड्डद्बद्य.ष्शद्व


नीरज मनजीत

जन्म 26 मई, 1952 को कवर्धा में। नियमित लेखन 1970 से। 1972 में लघु पत्रिका आयाम का संपादन। कविता संग्रह- कविता खिलती है प्रकाशित। 1985 से पत्रकारिता में। फिलहाल मासिक पत्रिका संतुलन की संपादकीय टीम में। संपर्क: गुरू गोविंद सिंह मार्ग, कवर्धा (छ.ग.) फोन : 07741-232427, मोबाइल - 93011-40627
गुरमीत बेदी जन्म: 21 सितम्बर, 1963 शिक्षा: हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से स्नातक व पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर। कविता, कहानी व शोध की एक—एक पुस्तक के अलावा दो व्यंग्य संग्रह प्रकाशित। तीन उपन्यास धारावाहिक रूप से प्रकाशित। कविता संग्रह 'मौसम का तकाजाÓ पर हिमाचल साहित्य अकादमी का सम्मान। आत्म कथ्य: कविता में मैं जि़ंदगी की सुर, ताल व लय महसूस करता हूं। कविता मेरे लिए भावनाओं की नि:श्छल अभिव्यक्ति का दूसरा नाम है। पता: जिा ोक सम्पर्क अधिकारी, ऊना-174303 ( हिमाच प्रदेश) मोबाइ नं. 94180 33344, द्वड्डद्बद्य द्बस्र- द्दह्वह्म्द्वद्बह्लड्ढद्गस्रद्बञ्चद्दद्वड्डद्बद्य.ष्शद्व


विकल्प ब्यौहार

विगत 12 सालों से लेखन, रायपुर के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में सेवा दी है। पता: एम् आई जी- 47 दीनदयाल नगर, रायपुर छत्तीसगढ़। 222.1द्बद्मड्डद्यश्चड्ढद्गशद्धड्डह्म्.ड्ढद्यशद्दह्यश्चशह्ल.ष्शद्व द्वड्डद्बद्य द्बस्र-1द्बद्मड्डद्यश्च.ड्ढद्गशद्धड्डह्म्ञ्चद्दद्वड्डद्बद्य.ष्शद्व


राम पटवा

जन्म: 10- 4-52 , शिक्षा: एम. ए. राजनीति शास्त्र, ग्रामीण पत्रकारिता (मा.प.विश्व. भोपाल) लेखन: व्यग्य एवं लघुकथा। संप्रति: छत्तीसगढ़ रायपुर संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग में प्रकाशन अधिकारी पता: एन- 3 साकेत बसंत पार्क कॉलोनी, महावीर नगर , न्यू पुरैना रायपुर- 492006


डॉ. राकेश शुक्ल

बीस बरस की रचना यात्रा में अनेक पत्र- पत्रिकाओं तथा आकाशवाणी में अनेक रचनाएं प्रकाशित, प्रसारित। छायावादोत्तर आख्यान काव्य प्रकाशनाधीन। आत्म कथ्य: आदमी को कार्टून के चरित्रों में ढलते देख परेशाान होता हूं। भविष्य में उपन्यास लिखकर सारे हार- जीत, जन्तर- मन्तर वसीयत करना चाहता हूं। सम्प्रति: राज्य सचिवालय में पदस्थ। पता: 12 पल्लवी विहार, रोहिणीपुरम, रायपुर (छ. ग.) 492010, मोबाईल 99779 60885।

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लेखकों से अनुरोध...

उदंती.com एक सामाजिक- सांस्कृतिक वेब पत्रिका है। पत्रिका में सम- सामयिक मुद्दों के साथ पर्यावरण को बचाने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उठाए जाने वाले कदमों को प्राथमिकता से प्रकाशित किया जाता है। समाजिक जन जागरण के विभिन्न मुद्दों को शामिल करने के साथ ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े लेखों और साहित्य की विभिन्न विधाओं जैसे कहानी, कविता, गीत, गजल, व्यंग्य, निबंध, लघुकथाएं और संस्मरण आदि का भी समावेश किया गया है। उपर्युक्त सभी विषयों पर मौलिक अप्रकाशित रचनाओं का स्वागत है। आप अपनी रचनाएँ Email-udanti.com@gmail.comपर प्रेषित करें।

माटी समाज सेवी संस्था का अभिनव प्रयास
एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें...
माटी समाज सेवी संस्था, समाज के विभिन्न जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। पिछले वर्षों में संस्था ने समाज से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य,पर्यावरण, प्रदूषण आदि क्षेत्रों में काम करते हुए जागरुकता लाने का प्रयास किया है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है।
बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से कारीगर आदिवासियों के बीच काम रही “साथी समाज सेवी संस्था” द्वारा संचालित स्कूल “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपए तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक लोग पिछले कई सालों से माटी संस्था के माध्यम से “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। पिछले कई वर्षों से माटी समाज सेवी संस्था उक्त स्कूल के लगभग 15 से 20 बच्चों के लिए शिक्षा शुल्क एकत्रित कर रही है। अनुदान देने वालों में शामिल हैं- प्रियंका-गगन सयाल, लंदन मैनचेस्टर, डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, तरुण खिचरिया, दुर्ग (पत्नी श्रीमती कुमुदिनी खिचरिया की स्मृति में), श्री राजेश चंद्रवंशी (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, पी. एस. राठौर- अहमदाबाद। इस मुहिम में नए युवा सदस्य जुड़ें हैं- आयुश चंद्रवंशी रायपुर, जिन्होंने अपने पहले वेतन से एक बच्चे की शिक्षा की जिम्मेदारी उठायी है, जो स्वागतेय पहल है। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, पंडरी, रायपुर (छग) 492 004, मोबा.94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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